कन्नड-सावरगांव के आदिवासी समाज की लडकी ने रखे पवित्र रमजान के पुरे रोजे।
कन्नड संवाददाता:-शेख शहेबाज।
कन्नड तहसील के सावरगाव मे जाती का भेद नही रखते हुए कांती सांडु सोनवने ईस महिला ने एक मोहब्बत भरा पैगाम देकर रमजान के पुरे महीने के उपवास रख कर यह दीखा दीया रमजान केवल एक जाती या एक धर्म के लीये रमजान नहि बल्कि हर जाती हर धर्म रमजान महिने का पालन करते है।
महिला ने बताया की यह मेरा पहली बार नही है बल्कि ईस से पहले कहि मर्तबा मेने उपवास रखा है लेकिन ईस साल मे मैंने पुरे रमजान के रोजे रखे है जब भी यह रोजे रखती है तो ईन के घर वालों के चहेरे पर हसीन सी मुस्कुराहट छा जाती है महिला का कहेना यह भी पडा की सब जब रमजान आ जाता है। तो मै भी रमजान की तैयारी बहोत खुशी और खुजु से करने लग जाती है।
नागरिकों को जब पता चला की यह महीला ने उपवास रखा है तो वहा नागरिकों का जन सैलाब उठा और सबने ईस महीला को मुबारकबाद दे कर के ईन के हौसले को बुलंद कीया।
ईस अवसर पर समीर शेख, सिकंदर पठान, अल्ताफ पठान, अजहर शाह, आसेफ पठान सहित अन्य नागरिकों की उपस्थिती थी।

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