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बुधवार, 4 अप्रैल 2018

सऊदी अरब के क्राऊन प्रींस मोहम्मद बिन सलमान के सपने.

सऊदी अरब के क्राऊन प्रींस मोहम्मद बिन सलमान के सपने.



सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने दि एटलांटिक मैगज़ीन को दिए गए अपने इंटरव्यू में वैसे तो बहुत से विषयों पर बहुत खुलकर बोले इतना खुलकर बोले के उनके पूर्ववर्ती सऊदी अधिकारियों में से किसी ने इस तरह अपना पक्ष रखने की हिम्मत नहीं की थी लेकिन साथ ही वह कुछ सवालों का जवाब देने से बचते दिखाई दिए।

मुहम्मद बिन सलमान ने फ़िलिस्तीन मामले में खुलकर अपनी बात रखी और साफ़ कर दिया कि फ़िलिस्तीनियों को अब सऊदी अरब से किसी सहायता की आशा रखना बेवक़ूफ़ी है। उन्होंने अवैध रूप से कब़्ज़े में ली गई फ़िलिस्तीनी भूमियों को इस्राईलियों की भूमि कहा जहां मुहम्मद बिन सलमान के अनुसार यहूदियों को शांतिपूर्वक जीवन गुज़ारने का अधिकार है।

सऊदी अरब, क्षेत्र तथा विश्व के अनेक मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले मुहममद बिन सलमान ने दि एटलांटिक के अनुसार कुछ सवालों को पूरी तरह टाल गए। लेकिन बातचीत से साफ़ ज़ाहिर था कि मुहम्मद बिन सलमान अपने देश में बहुत कुछ बदल देने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि बहुत जल्दी सारे बदलाव हो जाएं।

दि एटलांटिक के अनुसार मुहम्मद बिन सलमान वैसे तो इंटरव्यू के लिए बड़ी तैयारी से आए थे और उन्होंने सभी संभावित सवालों के जवाब और तर्क तैयार कर रखे थे लेकिन कुछ सवाल एसे भी हैं जिनके जवाब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के पास  नहीं हैं।

मुहम्मद बिन सलमान ने जब से अपने पिता सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ की आड़ लेकर देश के महत्वपूर्ण मामलों को अपने नियंत्रण में लिया है उसी समय से वह बड़ी मेहनत कर रहे हैं कि देश के भीतर और बाहर उनकी अच्छी तसवीर बने। वह ख़ुद को खुले विचारों वाला और विकासशील सोच का व्यक्ति ज़ाहिर करना चाहते हैं। सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ अपने साथ ही सऊदी अरब की भी वह तसवीर पेश करना चाहते हैं जो विशेष रूप से अमरीका और यूरोपीय देशों के लिए स्वीकार्य हो। इसी कोशिश में उन्होंने सऊदी महिलाओं को ड्राइविंग का अधिकार देने, सिनेमाघरों को खुलवाने और महिलाओं को खेल के क्षेत्र में अधिक अधिकार देने जैसे अनेक क़दम आनन फ़ानन में उठाए। बिन सलमान ने यमन पर युद्ध थोप दिया और ईरान के ख़िलाफ़ ज़हर उगलने का वह कोई मौक़ा हाथ से जाने नहीं देते।

मुहम्मद बिन सलमान देश के भीतर ख़ुद को बहुत शक्तिशाली ज़ाहिर करना चाहते हैं जिसकी विदेशों में गहरी पैठ है और जो क्षेत्र में बहुत प्रभावी नेता के रूप में देखा जाता है मगर मुशकिल यही है कि मुहम्मद बिन सलमान देश के भीतर एसे नेता के रूप में देखे जाने लगे हैं जो पश्चिमी सरकारों के इशारे पर केवल इस लिए नाच रहा है कि सऊदी अरब की सत्ता पर उसकी पकड़ मज़बूत रहे। अर्थात देश के भीतर शासन करने के लिए वह पूरी तरह पश्चिम पर निर्भर हैं।

पश्चिमी देशों को मुहम्मद बिन सलमान की कमज़ोरी अच्छी तरह पता है और वह इस कमज़ोरी का खूब फ़ायदा उठा रहे हैं। मुहम्मद बिन सलमान अमरीका तथा अन्य पश्चिमी देशों से भारी मात्रा में हथियार ख़रीदकर उन्हें खुश करते हैं और पश्चिमी देश उनकी सरकार को दुधारू गाय मानते हैं।

रोचक बात यह है कि मुहम्मद बिन सलमान को अपने बारे में पायी जाने वाली इस सोच की जानकारी भी है और इससे वह नाराज़ भी हैं मगर इस समय उनके पास कोई और चारा नहीं है।

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