पुस्तक प्रेमीयों के लिए बुरी खबर,
अब डाक से किताब मंगवाकर पढना हुआ महंगा.
संवाददाता.औरंगाबाद.डाक खर्च मे जबरदस्त इजाफा.आज से ही नया नियम लागु हुआँ है,जो बहुत मंहगा है.
13 मार्च को पोस्ट किया, चार किलों का पाकीट खर्च 65/₹
21 मार्च को पोस्ट किया सवा दौ किलो का पाकीट खर्च 147/₹.
पुस्तकों के प्रति पाठकों रुचि कम हो रही है, वैसे भी महंगाई आसमान को छु रही हैं और इस का असर पुस्तकों की किमतों पर भी पडा है.
पोस्ट विभाग के जो नये दर लागु किए हैं लह बहुत ज्यादा है, साधारण जो बुक पोस्ट(printed mater) पांच किलो पाकीट के लिए 65 ₹ लगता था,अब इसी पाकीट कै भेजने मे 300/ तक खर्च आ रहा है.एक तरफ सरकार पुस्तकों से रुचि पैदा करने के लिए, ए पी जे कलाम साहब के जन्मदिन को " वाचन प्रेरणा दिवस" के नाम से मनाती है, इसी प्रकार से" पुस्तक गांव" के नाम से योजनाएं चलाई जा रही है ,और अब डाक का खर्च बडने से पाठकों की संख्या कम हो जाऐ गी.आम तौर से पुस्तकों का डाक खर्च पाठकों कै ही उठाना पडता है, किताब की किमत 200/₹ है तो इसे डाक से भेजने का खर्च लगभग इतना ही आ सकता है.
प्रतिक्रीया=
मेरी पुस्तक की दुकान है जो शहर मे मिर्जा वर्ल्ड बुक हाउस कैसर कालोनी मे है. शोशल नेटवर्किंग के जमाने भी हम पुस्तक विक्रेता जैसे तैसे कारोबार करते हैं,अब डाक खर्च बढने के कारणों से इस व्यासाय पर असर पडेगा.
एक और बात निजी कैरियर वालों के दाम बहुत कम है, हमने पांच किलो का पाकीट भेजा कैरियर वालों ने 59/₹ लिए, और पोस्ट वालों ने,2किलो 300 ग्राम के 147/₹ रुपये लिए.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें