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शनिवार, 13 जनवरी 2018

सीएम के अजमेर आगमन पर बिजली कंपनी टाटा पावर की शिकायत होगी। मजदूर संघ से जुड़े श्रमिक संगठन में नाराजगी।

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अजमेर में लोकसभा उपचुनाव के मद्देनजर प्रदेश की सीएम वसुंधरा राजे के आगमन पर अजमेर में विद्युत सप्लाई का काम कर रही टाटा पावर कंपनी के काम काज को लेकर शिकायत की जाएगी। टाटा पावर के काम संभालने के बाद से न ही शहर की विद्युत व्यवस्था ठीक हुई है और न ही अनुबंध की शर्तों के अनुरूप विद्युत वितरण निगम के कर्मचारियों को लिया गया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के परिवार के सदस्य भारतीय मजदूर संघ से जुड़े विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ के महासचिव विनीत कुमार जैन ने बताया कि सीएम राजे को टाटा पावर की करतूतों के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुबंध की शर्तों के मुताबिक टाटा पावर को एक तिहाई श्रमिक निगम के लेने थे, यानि 600 श्रमिकों में से 200 श्रमिकों को कंपनी को लगाना चाहिए था। लेकिन अभी तक भी कंपनी ने मात्र 40 श्रमिकों को नियुक्ति दी है। फलस्वरूप करीब 150 श्रमिकों के वेतन का भार विद्युत निगम पर पड़ रहा है। इस मामले में निगम के अधिकारियों की भूमिका भी ईमानदारी पूर्ण नहीं है। अधिकारियों की रुचि निगम को घाटा पहुंचा कर प्राइवेट कंपनी को फायदा करने में रहती है। यही वजह है कि टाटा कंपनी अपने श्रमिकों को न्यूनतम वेतन मान भी नहीं दे रही है। हालात इतने खराब हैं कि आईटीआई उत्तीर्ण, लेकिन अप्रशिक्षित लड़कों से विद्युत लाइनों पर काम करवाया जा रहा है। कपंनी के अधिकारी अब कई कामों को ठेके पर दे रहे हैं। टाटा कंपनी में अधिकांश काम अनुबंध की शर्तों के विपरीत हो रहा है। लेकिन इसके बाद भी निगम के अधिकरी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। जहां तक उपभोक्ताओं को सुविधाएं देने का सवाल है तो टाटा पावर के आने के बाद उपभोक्ताओं की परेशानिया और बढ़ी है। रोजाना शटडाउन लिया जा रहा है तो बिना सूचना के कटौती की जा रही है। फाॅल्ट ठीक करने में भी अधिक समय लग रहा है। परेशान उपभोक्ताओं की सुनने वाला कोई नहीं है। मीटर बंद होने पर औसत बिल भेजा जाता है, लेकिन अधिक राशि का आगामी बिल में समायोजन नहीं होता। उपभोक्ता को अब पहले से ज्यादा चक्कर काटने पढ़ रहे हैं। चूंकि टाटा पावर ठेके पर काम करवा रही है इसलिए श्रमिकों को मेडिकल आदि की सुविधा भी नहीं मिल रही। सीएम से मुलाकात के दौरान विद्युत निगम के उन अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्यवाही करने की मांग की जाएगी। जो टाटा पावर को फायदा पहुंचाने में लगे हुए हैं।

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