संवाददाता.दिल्ली.
लोकसभा में गुरुवार को तीन तलाक बिल पर जोरदार बहस हुई। इस दौरान तकरीबन समूचे विपक्ष ने बिल का विरोध करते हुए इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बहस में हिस्सा लिया और सरकार पर तीखा हमला बोला।
ओवैसी ने कहा- सरकार ने इस बिल पर किसी भी पक्ष से बात नहीं की है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनकी तो छोड़िए, जिनके लिए बिल लाया जा रहा है उनसे तक बात नहीं की गई है। उन्होंने कहा, आपने (सरकार) समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया और तीन तलाक को आपराधिक करार दे दिया है। क्योंकि यह हमारे खिलाफ इस्तेमाल होगा। लैंगिक अल्पसंख्यकों को धारा 377 में अपनी पसंद की छूट दी गई, तब धार्मिक अल्पसंख्यकों को क्यों नहीं?
ओवैसी ने कहा, अगर आपकी आस्था आपकी आस्था है, तो मेरी आस्था भी मेरी आस्था होनी चाहिए। आपका (सरकार) इरादा सही नहीं है। आप अपना कानून ला सकते हैं लेकिन हम अपने धर्म को जब्त नहीं होने देंगे।
उन्होने कहा, इस बिल के कई प्रावधान असंवैधानिक हैं। इस बिल को संयुक्त चयन समिति को भेजना चाहिए। हमारे मुल्क़ में तलाक़ के कानून में अगर किसी हिंदू को एक साल की सज़ा का प्रावधान है तो मुसलमानों के लिए ये सज़ा तीन साल क्यों रखी गई है? क्योंकि इसका इस्तेमाल हमारे ख़िलाफ़ होगा। आपका कानून धर्म के ख़िलाफ़ है। आप मुस्लिम औरतों के लिए नहीं काम कर रहे हैं। पूरे मुल्क में मी-टू अभियान हुआ था। कहां गए वो मंत्री जो पिछली बार खड़े थे। कहां गए वो। आप उस आदमी को पार्टी में जगह देते हैं और आप लोग हमको आइना दिखा रहे हैं?
बिल पास होने के बाद AIMIM प्रमुख ने कहा, ‘ये कानून सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम महिलाओं को रोड पर लाने के लिए है, उनको बर्बाद और कमजोर करना है और जो मुस्लिम मर्द हैं उनको जेल में डालने का है। इस कानून का गलत इस्तेमाल होगा, आप देखना।

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