■पवित्र रमज़ान के पारिवारिक लाभ:
लेखक=मो.शफि फारुकि.★रमज़ान का पारिवारिक लाभ यह है कि रोज़ा रखने वाले परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर रोज़ा खोलते और इफ़्तारी खाते हैं। इस समय एक प्रकार का विशेष आध्यात्मिक वातावरण होता है। यह एसा वातावरण है जो केवल रमज़ान में ही देखने कोमिलता है। इस वातावरण में एकप्रकार की आत्मीयता पाई जाती है। परिवार के सदस्य एकदस्तरख़ान पर बैठकर पहले दुआ पढ़ते हैं फिर एकसाथ खाना शुरू करते हैं। आधुनिक युग के दौड़भाग भरे जीवन में ऐसा दृश्य बहुत कम ही देखने को मिलता है कि लोग एकसाथ मिलकर बैठें। इस प्रकार की बैठकें सामान्यतः केवल रमज़ान में ही देखने को मिलती हैं। वर्षों गुज़र जाने के बाद भी इफ़्तार और सहरी की यह यादें मनुष्य के मन में लंबे समय तक ताज़ा रहती हैं।
◆वैज्ञानिकों का कहना है कि अकेले खाना खाने की तुलना में एक साथ बैठकर खाना खाने के कई लाभ हैं। इसका एक लाभ तो यह है कि साथ बैठक खाने में मनुष्य तुल्नात्मक रूप में स्वास्थ्य के जितना ज़रूरी है उतना खाना खा लेता है। जो लोग अकेले बैठकर खाना खाते हैं वे कम मात्रा में खाना खाते हैं। एसे लोग खाना बहुत जल्दी ख़त्म कर देते हैं जो स्वास्थ्य के नियम के हिसाब से हानिकारक है। साथ बैठकर खाना खाने में कुछ समय लगता है और लोग धीरे-धीरे खाना खाते हैं जो आसानी से पच जाता है। एकसाथ बैठकर खाना खाने से एक प्रकार का आनंद प्राप्त होता है जो अकेले खाने में नहीं मिलता। साथ बैठकर खाया गया खाना सरलता से पचने के साथ ही शरीर को लगता है जिससे ऊर्जा प्राप्त होती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वे युवा जो अपने परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर खाना खाते हैं वे उन युवाओं की तुलना में अधिक मानसिक शांति के स्वामी होते हैं जोअकेले बैठकर खाना खाते हैं।
इसी के साथ साथ परिवार के सभी सदस्यों में आपसी प्रेम और योगदान और एक दुसरे के प्रति क़ुर्बानी की भावना में वृद्धि होती है।

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