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शनिवार, 21 अप्रैल 2018

बेटियां न माँ की कोख के अंदर सुरक्षित हैं न कोख से बाहर:मो.शफि फारुकि.

 बेटियां न माँ की कोख के अंदर सुरक्षित हैं न कोख से बाहर:मो.शफि फारुकि.


पाथरी के कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन में मैंने पाथरी की अव्वाम के समक्ष जो मुद्दे रखे उसका खुलासा ये है।

◼बिगड़ती हुई सामाजिक व्यवस्था पर चिंता।

◼दूषित व्यवस्था में महिलाओं पर बढ़ते जा रहे अत्याचारों पर चिंता।

◼आज हर घंटे भारत की  22 बेटियों पर बलात्कार होता है।

◼हर घंटे एक महिला दहेज़ के नाम पर जलाई जाती है।

◼हर घंटे महिलाओं का अपहरण ,छेड़छाड़,अपराध की घटनाएं होती हैं।

*◼बलात्कार के 95000 से ज़्यादा केसेस अभी भी अदालतों में पेंडिंग हैं।*

◼लाखों बेटियों की माँ की कोख में हत्या की जारही है।

*◼आज के समाज में बेटी न माँ की कोख में सुरक्षित है न कोख से बाहर समाज में सुरक्षित है*।

◼बलात्कारी विचारधारा और कल्चर को समाप्त करना ज़रूरी है।

◼इसके लिए चार स्तरों पर काम करना ज़रूरी है।

*1⃣पहला स्तर अध्यात्मिक या धार्मिक स्तर पर।अपराधियो को नरक की अग्नि और मरणोत्तर जीवन में ईश्वर के प्रकोप का भय दिलाया जाए।उन्हें अध्यात्म के माध्यम से सुधारा जाए।*

*2⃣दूसरा सामाजिक स्तर पर काम, जिस में सभी के दिलों में महिलाओं का आदर सम्मान इज़्ज़त निर्माण की जाए।*

*पोर्न कल्चर पर पाबन्दी लगाईं जाए, फिल्मों,टीवी,मोबाइल, इंटरनेट के मध्यम से फ़ैल रही नग्नता और अश्लीलता पर पाबन्दी ज़रूरी है,ता के हमारी सोंच सही हो जाए,नौजवान मोबाइल का सही और पॉजिटिव इस्तेमाल करे ।*

*3⃣तीसरा स्तर क़ानून है, ऐसे बलात्कारियों और महिलाओं का अपमान करने वालों के लिए कड़े से कड़े कानून बनाये जाने चाहिए,उन्हें मौत की सजा से कम सजा न हो, उसी के साथ साथ समाज में क़ानून व्यवस्था का सम्मान करने वालो की संख्या बढ़नी चाहिए,और समाज के सभी लोगों को कानून का सम्मान करना चाहिए,*

*4⃣चौथा काम ,देश और समाज से नफरत की राजनीति और विचारधारा को समाप्त करना है,और समाज में अमन, शान्ति,भाईचारा,सद्भावना को बाक़ी रखने का प्रयत्न करना और जो कोई भी इस अमन की फिजा को खराब करने की कोशिश करेगा उसे बर्दाश्त न करना।*

*◼हमारे शहर पाथरी में हमेशा अम्न व अमान, भाईचारा बाक़ी रहेगा और कोई भी धर्म के नाम पर नफरत नहीं फैलाएगा इसका संकल्प और वादा भी नौजवानों से लिया गया।*

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