सीरिया पर हमलों के बारे में विश्व स्तर पर प्रतिक्रियाएं, मास्को ने कहा सीरिया की वायु रक्षा व्यवस्था को और मज़बूत बनाएंगे!
+तिसरे महायुध्द कि भनक.
अमरीका ने फ़्रांस और ब्रिटेन के साथ मिलकर सीरिया पर शनिवार की सुबह हवाई हमले किए।
सीरिया का कहना है कि यह हमल शनिवार की सुबह 3 बजकर 55 मिनट पर शुरू हुए और एक घंटे से कुछ कम देरी तक जारी रहे। इन हमलों में दमिश्क़ और उसके उपनगरीय क्षेत्रों तथा हुम्स में दस स्थानों को निशाना बनाया गया।
सीरिया की एयर डिफ़ेन्स सिस्टम ने अपनी उपयोगिता दिखाई और दर्जनों की संख्या में मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया और कुछ मिसाइलों का मार्ग बदल दिया।
जिन निशानों पर मिसाइल लगे हैं उन्हें कई दिन पहले ही सीरियाई सेना ने पूरी तरह ख़ाली कर दिया था यही कारण है कि इन हमलों में कोई जानी नुक़सान नहीं हुआ केवल हुम्स में तीन सैनिकों के घायल होने का समाचार मिला है।
अमरीका के युद्ध मंत्री जेम्ज़ मैटिस और चीफ़ आर्फ़ आर्मी स्टाफ़ जोज़फ़ डनफ़ोर्ड ने हमला ख़त्म हो जाने के बाद कहा कि हमला पूरा हो चुका है लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह पहले चरण का हमला था।
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैकक्रां ने एक बयान जारी करके कहा कि फ़्रांस ने इस हमले में हिस्सा लिया है और हमले क उद्देश्य सीरियाई सरकार की रासायनिक हमलों की क्षमता को कमज़ोर करना है।
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने भी पत्रकारों से बातचीत में बेबुनियाद दावा दोहराया कि दूमा के इलाक़े में सीरियाई सरकार ने रासायनिक हमला किया था और इसी लिए उन्होंने सीरिया पर हमले में हिस्सा लिया है।
ब्रिटेन की लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बन ने हमले में ब्रिटेन के शामिल होने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि टेरीज़ा मे के इस क़दम को क़ानूनी समर्थन नहीं प्राप्त था उन्होंने संसद से इसकी अनुमति नहीं ली।
इस हमले में इस्राईल भी शामिल रहा, उसने सूचनाएं उपलब्ध कराने का काम किया।
हमले के कुछ ही देर बाद सीरिया के लगभग सभी शहरों में लोग सड़कों पर निकल पड़े और सीरिया, ईरान तथा रूस के राष्ट्रध्वज और सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद की तसवीरें हाथों में लेकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं।
सीरिया के राष्ट्रपति भवन ने शनिवार की सुबह एक वीडियो जारी किया जिसमें राष्ट्रपति बश्शार असद बिल्कुल सामान्य रूप से अपने कार्यालय में जाते दिखाई दिए।
लेबनान ने इस हमले की निंदा की। लेबनान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री ने हमले को अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया। हिज़्बुल्लाह ने अपने बयान में कहा कि हमले के लिए तीनों देशों ने जो बहाना पेश किया है वह निराधार है।
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया पर हमला इस देश के ख़िलाफ़ रची गई साज़िश की विफलता पर साज़िशकर्ताओं में फैली निराशा का परिणाम है।
तुर्की ने सीरिया पर होने वाले हमले का समर्थन किया। तुर्की ने जो सीरिया में लड़ने वाले कुछ आतंकी संगठनों का समर्थन कर रहा है एक बयान जारी करके कहा कि यह दूमा में हुए रासायनिक हमले का उचित जवाब है।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह सीरिया पर होने वाले हमले का पूरी तरह समर्थन करता है।
अमरीका में रूस के राजदूत ने कहा कि यह हमला पहले से ही तैयार की गई योजना के तहत था और हमलावरों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस हमले का रासायनिक हमले से कोई लेना देना नहीं है यह अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर सीरियाई सेना की विजय को रोकने की कोशिश के तहत किए गए हैं।
रूस ने इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीरिया के एयर डिफ़ेन्स सिस्टम ने बहुत कामयाबी से मिसाइलों को निशाना बनाया है और अब हम इस सिस्टम को और भी मज़बूत बनाएंगे।

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