औरंगाबाद : तीन तलाक विधेयक के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने मोर्चा, निकाला
औरमगाबाद। संसद में पारित होने का इन्तजार कर रहे तीन तलाक विधेयक को भले ही केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं के हित में बता रही हो, लेकिन यही मुस्लिम महिलायें इस विधेयक का विरोध करती नजर आ रही हैं। दरअसल, केंद्र सरकार के तीन तलाक विधेयक के विरोध में शुक्रवार को औरंगाबाद (महा) में मुस्लिम महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बैनर तले तीन तलाक बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम महिलाएं शामिल हुईं।
प्रदर्शनकारी मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि शरीयत के कानून में ही मुस्लिम महिलाओं की हिफाजत है और शरीयत के कानून में दखल अन्दाजी किसी भी रूप में हमें बर्दाश्त नहीं है। तीन तलाक बिल का विरोध कर रही महिलाओं ने ऐलान किया कि वह इस बिल के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ेंगीं।
मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक बिल शरीयत के खिलाफ है। इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए। महिलाओं ने ट्रिपल तलाक बिल को वापस लेने की मांग की और कहा कि शरियत में सरकार की दखल अन्दाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शरीयत का मसला शरीयत खुद संभाल लेगा।
इस प्रदर्शन में .जमाते इस्लामी हिंद.मुस्लिम नुमाइंदा काउंसिल. मुस्लिम अवामी कमेटी. जमीअत उल उलमा. अहले सुन्नत वलजमात. रजा अकॅडमी. वहदते इस्लामी.जमिअत उशबाब.अहले हदीस. तंजीमे अईमाऐ मसाजिद इमाम काउंसिल. मजलिस उल उसमाअमारते शरीया.मजलिसे तामीरे मिल्लत. मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन.अल्तमश ग्रुप. जमी उलमा व अईमाकराम जिला औ.बाद तमाम दिनी मिल्ली सामाजिक फलाही तंजिमो ने हिस्सा लिया

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