सीरिया में लगातार हो रही बमबारी से अब तक 500 से ज्यादा बच्चे मारे जा चुके हैं एक मां बाप का दर्द देखा नहीं जाएगा आपसे आप सभी से गुजारिश हैं सीरिया वालों के लिए दुआ करें
ईस मासुम कि आह को कोन सुनेगा! सिरिया मे लगातार बमबारी 500 मासुम बच्चो कि जा चुकि है जान..
आपका कलेजा उछलकर बाहर निकल आएगा ये तस्वीर देखकर, सिर्फ चार साल का "मरवान" जो सीरिया से जॉर्डन की तरफ जा रहा है, भूखा है... ओर प्यासा भी... इसके छोटे से थैले में कोई बम नहीं निकला इसकी मां और बहन के कपड़े हैं, जिन्हें पहनने वाला कोई नहीं है। जॉर्डन जाकर ये जरूर दिखायेगा की उसने कैसे कैसे खुदको जिंदा रखा... मैं चाहता हूं आप सिसक सिसक कर रोओ, दहाड़े मार कर रोओ, मैं चाहता हूं तुम्हारी आहें निकले... ओर आंसुओं से अपने दामन को तर ब तर कर दो, सजदे से सर न उठाओ ओर अपने बच्चों की सलामती की दुआ करो...
... मरवान को रेगिस्तान में भटकते अल्लाह ने जरूर देखा होगा, लेकिन तुम्हारी आहें? कहाँ हैं तुम्हारी आहो बक़ा, कहाँ है तुम्हारी कराहटें??
...सुनो मुसलमानो, सीरिया की ज़मीन इन नंन्हे नन्हे "हसनैन" के लिए कर्बला से भी दर्दनाक बन गयी है। अगर तुम सोचते हो कि कर्बला के ज़ुल्म से ये जुल्म कम है तो गलत सोचते हो, इनके पीछे रोने वाला कोई नहीं....
"उफ़क़ का चेहरा लहू में तर है
...ज़मीं जनाज़ा बनी हुई है....


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