- Tezznews24

Tezznews24

Marathi news portel

Blt add

Breaking

रविवार, 14 जनवरी 2018

वसीम रिजवी को दाऊद की धमकी, मौलानाओं से मांगो माफी नहीं तो…

वसीम रिजवी ने दाऊद इब्राहिम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है. रिजवी के मुताबिक, उन्हें शनिवार देर रात फोन पर यह धमकी मिली. फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद को 'डी कंपनी' का आदमी बताया.

शिया सेंट्रल बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी को धमकी दी है. वसीम रिजवी को यह धमकी मदरसा शिक्षा की आलोचना करने को लेकर दी गई है.

वसीम रिजवी ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने दाऊद इब्राहिम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है. रिजवी के मुताबिक, उन्हें शनिवार देर रात फोन पर यह धमकी मिली. फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद को ‘डी कंपनी’ का आदमी बताया और ‘भाई’ के नाम से धमकी दी.

धमकाने वाले शख्स ने खुद को भाई का आदमी बताते हुए वसीम रिजवी से मौलानाओं से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है. माफी नहीं मांगने पर परिवार समेत अंजाम भुगतने की धमकी दी है. गौरतलब है कि मदरसा शिक्षा की आलोचना करने के बाद वसीम रिजवी मुस्लिमों के एक वर्ग के निशाने पर आ गए हैं.
वसीम रिजवी ने मदरसा शिक्षा के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाकायदा चिट्ठी लिखी थी. इसके बाद जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद ने वसीम रिजवी पर 20 करोड़ का मानहानि का मुकदमा ठोक दिया. साथ ही उनके सामने माफी मांगने की शर्त भी रखी.
मदरसों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के विरोध में जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद ने वसीम रिजवी को लीगल नोटिस भेजा और 20 करोड़ की मानहानि का दावा किया है. जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद ने वसीम रिजवी से देश से बिना शर्त माफी मांगने को भी कहा है.

जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद का कहना है कि वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री को जो चिट्ठी लिखी है, उसमें बेहद आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं और इस चिट्ठी की वजह से मदरसों का और मुसलमानों की छवि को भारी नुकसान हुआ है.

यह लिखा था चिट्ठी में:
– इस चिट्ठी में लिखा गया है कि मदरसे सिविल सर्वेंट से ज्यादा आतंकवादी पैदा कर रहे हैं.

हमारे मदरसे इंजीनियर और डॉक्टर बनाने में फेल है.
हमारे मदरसे युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे हैं.

जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद का कहना है कि इस चिट्ठी की वजह से मदरसों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के दिमाग पर बुरा असर पड़ रहा है और लोग शक की निगाहों से देखने लगे हैं.

वसीम रिजवी ने मदरसा शिक्षा की जगह सभी मदरसों को सीबीएसई या आईसीएसई स्कूलों से संबद्ध करने की मांग भी की है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें